Friday, June 7, 2013

Alfaaz#3


ये बदलेगा पैंतरे अगली चाल देखिएगा
चुप रहिएगा इश्क़ के कमाल देखिएगा।

हो-हल्ला मचेगा दिलों में भी फिर से
मोहोब्बत की अगली बिसात देखिएगा
चुप रहिएगा इश्क़ के कमाल देखिएगा।
ये बदलेगा पैंतरे अगली चाल देखिएगा...

मुहब्बत की ये दासताँ है पुरानी
मुहब्बत की ही बात है हर ज़ुबानी
मोहोब्बत है तूफां, मोहोब्बत है आँधी
मोहोब्बत में आशिक़ तो होता है बाग़ी।
कभी इक़रार, कभी इनकार, कभी तक़रार देखिएगा...
ये बदलेगा पैंतरे अगली चाल देखिएगा...

चुप रहिएगा इश्क़ के कमाल देखिएगा।

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