वो जो जज़्बात छुपा लेते हैं दिल में अक्सर
बस वही अर्ज़ यूँ कर जाते हैं हम भी अक्सर,
भरी महफ़िल में तालियों का शोर होता है.…
हम जो पी के भी लय में गा लिया करते अक्सर
हम जो पी के भी लय में गा लिया करते अक्सर।
जो वो जज़्बात छुपा लेते हैं दिल में अक्सर
बस वही अर्ज़ यूँ कर जाते हैं हम भी अक्सर।
बड़े ताज्जुब से लोग हम से पूछा करते हैं
ये करिश्मा बताओ कैसे किया करते हो??
मौज में लड़खड़ाते क़दमों से तुम आते हो
सुर और ताल में बताओ कैसे गाते हो??
सुर और ताल में बताओ कैसे गाते हो??
कैसे समझाएं अब ये बात के वो तुम ही हो,
थाम लेती हो ख़यालों में जो आ के अक्सर,
वर्ना हमें बिन पिए भी होश कहाँ रहता है
बड़े मदहोश से रहते हैं मेरे दिन अक्सर
बड़े मदहोश से रहते हैं मेरे दिन अक्सर।
जो वो जज़्बात छुपा लेते हैं दिल में अक्सर
बस वही अर्ज़ यूँ कर जाते हैं हम भी अक्सर।

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